New Hindi Kahani Bhootiya 2020 | Bhootiya Dadi |

Hindi Kahani for Kids:- यह Hindi Kahani एक श्रापित भूतिया दादी के ऊपर आधारित हैं|

इस Hindi Kahani में हम देख्नेगे कि किस प्रकार खजाने की लालच में उनका ये हाल होता हैं|

उनके पोते पर इसका क्या प्रभाव पड़ता हैं?

क्या उनका पोता अपनी दादी से कोई सीख लेता हैं?

क्या पोते को भी खजाने का लालच होता हैं?

यह हमें इस Hindi Kahani को पढ़ के पता चलेगा|

तो आइये शुरू करते हैं अपनी Hindi Kahaniभूतिया दादी:


भूतिया दादी 

(Hindi Kahani For Kids )

New Hindi Kahani Bhootiya 2020 Bhootiya Dadi

एक तुंबा नाम का गांव था| उस गांव में एक बुढ़िया अपने पोते के साथ रहती थी|उनका घर एक सुनसान जगह पर था|

उनके घर के आसपास किसी गांव वाले ने अपना घर नहीं बनाया था क्योंकि सबको पता था कि उस घर में रहने वाली बुढिया श्रापित है|

उसे एक शैतान का श्राप लगा था| उसका चेहरा बहुत डरावना हो गया था|

उसका पोता उसे जंजीरों से बाँध कर रखता था| उसके चेहरे में दो बड़ी-बड़ी कीलें लगी हुई थी|

कभी-कभी उसके अंदर का हैवान जाग उठता था,तो वह अपने पोते को भी खाने की कोशिश करती थी|

वह अपने पोते से बोली,"अये! कहाँ मर गया तू? जल्दी मुझे आटे की गुड़ियाँ दे नहीं तो मैं तुझे ही खा जाऊंगी|"

उसका पोता बोला,"दादी थोड़ा सब्र रखो| खाना ला रहा हूँ| बस अभी आया|"

फिर हीरा उसके लिए आटे की गुड़िया बनाकर लाता है और उसकी तरफ फेंक देता है|

फिर वो बुढिया जानवरों की तरह उस आटे की गुड़िया को खाने लगती है|

आटे की गुड़िया को खाकर उसे थोड़ी तृप्ति मिलती है और वह कुछ शांत होती है|

हीरा ने अपनी दादी से पूछा,"दादी तुम्हारी ऐसी हालत कैसे हो गई?"

दादी ने कहा,"बेटा,मैं आज तुझे एक सच बताने जा रही हूं|

इसके बारे में किसी गांव वाले को नहीं बताना| नहीं तो अनर्थ हो जाएगा|

बहुत साल पहले मुझे जंगल में खजाने के बारे में पता चला था| उसे पाने के लिए मैं कुएं में उतरी|

वहां एक शैतान था जो जन्म-जन्म का भूखा था| उसकी कमर में एक सोने की पोटली बंधी हुई थी|

मैंने उसकी तरफ आटे की गुड़िया फेंकी तो वह उसे खाने में मगन हो गया| तभी मैंने उसकी सोने की पोटली को खंजर से काट दिया|

उसमें से सोने के सिक्के गिरे| मैंने उन्हें झट से उठाया और कुएँ से जल्दी से बाहर आ गई| 

मैं अगली रात फिर से कुएं के अंदर गई|

मैंने फिर से उसकी तरफ आटे की गुड़िया फेंकी और उसकी पोटली को खंजर से काट दिया और सोना इकट्ठा करने लगी|

लेकिन उस दिन मेरा लालच मुझ पर हावी हो गया|मैं ज्यादा सोने के सिक्के इकट्ठे करने में लग गई|

तब तक वह शैतान आटे की गुड़िया खा चुका था| अब मेरे पास उसकी भूख मिटाने के लिए कुछ नहीं था|

मैं जल्दी से रस्सी के सहारे बाहर निकलने लगी| तभी उसने मेरी टांग पर काट लिया और मैं भी श्रापित हो गई|

उस दिन के बाद से मेरी ऐसी हालत हो गई है|

अगर मुझे समय पर आटे की गुड़िया नहीं मिली तो मुझे डर है|मेरे अंदर का शैतान किसी दिन तुझे अपना शिकार बना लेगा|

बेटा, मुझे अब ऐसी जिंदगी और नहीं जीनी|

मुझे मुक्ति दे दे| मैं अब थक चुकी हूं| मैं किसी दिन तेरी जान ले लूंगी|

मुझ पर एक कृपा कर| मुझे अब मुक्ति दिलवा दे बेटा|"

उसका पोता बोला,"लेकिन दादी, मैं इस श्राप से आपको मुक्ति कैसे दिलवाऊ?"

दादी ने कहा,"बेटा मेरे शरीर को आग के हवाले कर दें|इससे मुझे मुक्ति मिल जाएगी|

लेकिन तू कभी खजाने की लालच में उस कुएँ की तरफ मत जाना|"

हीरा से अपनी दादी की हालत देखी नहीं जाती|

वह अपनी झोपड़ी में आग लगा देता है और उसकी दादी को मुक्ति दिलवा देता है|

फिर हीरा मन में सोचता हैं,"अब मुझे कुएँ में जाकर| उस राक्षस से ख़जाना लाना ही होगा|"

एक दिन फिर हीरा आटे की गुड़िया बनाता है और उस कुएं में उतर जाता है|

हीरा शैतान को आवाज लगाता हैं,"हे दानव! कहाँ हैं तू? देख मैं तेरे लिए आटे की गुड़िया लाया हूँ| आ जल्दी आ जा|"

तभी आटे की गुड़िया की महक सूंघकर वह शैतान वहां आ जाता है|

उसे देख कर हीरा की सिट्टी पिट्टी गुल हो जाती है|

हीरा डरते हुए कहता हैं,"अरे मर गया रे|दादी की बात तो सच निकली| यहाँ तो सच में एक शैतान हैं|"

वह शैतान उसकी ओर बढ़ने लगता है| तभी हीरा उसकी तरफ आटे की गुड़िया फेंक देता है|

वह शैतान उसे खाने लगता है| इसी का मौका उठाकर हीरा ख़ंजर से उसकी सोने के सिक्कों की पोटली को फाड़ देता है|

फिर उसमें से सारे सोने के सिक्कों को इधर-उधर बिखेर देता है| फिर सोने के सिक्के उठाना शुरू कर देता है|

उसका लालच बढ़ता जाता है और वह सिक्के उठाने लगता है|

तभी वह शैतान पूरी आटे की गुड़िया को खत्म करने वाला होता है|

हीरा ये देख कर डरते हुए कहता हैं,"अरे मर गये रे|ये नासपीटा तो इतनी जल्दी पूरी गुड़िया ही खा गया|

ये गुड़िया खत्म होते ही मुझपर हमला करेगा|मुझे अब यहाँ से निकलना होगा|"

हीरा फिर जल्दी से रस्सी पकड़ कर ऊपर कुएं से बाहर निकलने लगता है|

तभी वह शैतान पूरी गुड़िया खा लेता है और उसका ध्यान हीरा की तरफ जाता है|

तब वह भी रस्सी पकड़कर कुएँ से बाहर निकलने की कोशिश करता है|

लेकिन जैसे ही उसका हाथ कुएं से बाहर निकलता है| वह जलने लगता है|

जलने से बचने के लिए वह फिर से कुएँ के अंदर चला जाता है और अपने सोने के सिक्को को वापस बटोरने लगता है|

हीरा ने बाहर निकलकर कहा,"अरे वाह! आज तो मजा आ गया|

मेरे हाथ 5 सोने के सिक्के लग गए| एक काम करता हूँ| कल बहुत सारे आटे की गुड़िया लेकर आऊंगा|

फिर वह शैतान उन्हें खाने में मगन हो जायेगा और मैं सारे सिक्को को इकठ्ठा कर लूँगा|"

फिर इतना सोचकर हीरा आटे की गुड़िया बनाना शुरू कर देता है|

वह  पांच आटे की गुड़िया तैयार कर लेता है| फिर वह रात होने का इंतजार करता है|

कुछ ही देर में रात हो जाती है और वह सारे आटे की गुड़िया एक पोटली में डालता है और कुएं में उतर जाता है|

वह शैतान को आवाज लगाते हुए कहता हैं,"ओह शैतान! कहाँ हैं तू? देख तेरे लिए बहुत सारा खाना लाया हूं|"

तभी सामने से पांच शैतान आ जाते हैं| हीरा उन पांचो को देखकर दंग रह जाता है| 

हीरा डरते हुए कहता हैं,"अरे मर गए रे| दादी ने तो एक ही शैतान के बारे में बताया था|

यह पांच-पांच कहाँ से आ गए| अब मैं क्या करूँ? कही कोई गलती तो नही कर दी?

मैं रोज एक गुड़िया लाता था, तो एक ही शैतान आता था|

हे भगवान् यह मैंने क्या कर दिया| अब मैं क्या करूँ?"

तभी वहां पांचो शैतान आ जाते हैं| हीरा वहां से भागने की सोचता हैं|

हीरा एक आटे की गुड़िया एक शैतान की ओर फेंकता है, तो पांचो शैतान उस गुड़िया के ऊपर टूट पड़ते हैं|

कोई उसकी टांग खा जाता है, तो कोई उसका सिर|

फिर पलक झपकते ही वह पांचों मिलकर उस गुड़िया को खा जाते हैं| 

हीरा यह देखकर दंग रह जाता हैं| वह डर के मारे कांपने लगता हैं|

फिर वह बची हुई चारों गुड़िया को एक साथ उनकी तरफ फेंक देता है|

पांच में से चार शैतानों को एक-एक गुड़िया मिल जाती है|

वह चारो गुड़िया खाने में मगन हो जाते हैं| लेकिन एक शैतान अभी भी भूखा होता है|

वह शैतान हीरा की तरफ देख रहा होता है|

उसे देखकर हीरा डरके बोलता हैं,"अरे मर गए रे| इसके हिस्से में तो कुछ आया ही नही|भागो रे भागो रे|"

जैसे ही हीरा रस्सी पकड़कर ऊपर से निकलने की कोशिश करता है, वह पाँचवा शैतान उसकी टांग पकड़ लेता हैं|

वह उसकी टांग पर काट खाता हैं|

हीरा अपनी टांग छुड़ाने की बहुत कोशिश करता हैं| फिर वह किसी तरह कुएँ से बाहर निकलता है|

बाहर निकलते ही वह कहता हैं,"हाय रे,बहुत दर्द हो रहा हैं| अब मैं क्या करूँ? कही वो दादी वाला श्राप मुझे भी तो नही लग जायेगा?कोई हैं? कोई मेरी मदद करो|"

फिर देखते ही देखते हीरा भी शैतान में बदल जाता है| उसे भी श्राप लग जाता है|

फिर हीरा अपने दोनों हाथो और पैरों के सहारे चलने लगता है|उसे बहुत भूख लगती है|

वह फिर आटे की गुड़िया की खोज में पूरे गांव में भटकने लगता है|

गांववाले उसे छुप छुप कर देखने लगते हैं| किसी को कुछ समझ में नहीं आता,कि हीरा ऐसे दोनों हाथ और पैरों के सहारे क्यों चल रहा है? उसकी ऐसी हालत कैसे हो गई? 

फिर हीरा पूरी रात गांव में भटकता भटकता जंगल की तरफ निकल जाता है|

उसके वहां से जाते ही गांव वाले अपने घरों से बाहर निकल कर आ जाते हैं|

उनमे से एक गाँववाला कहता हैं,"अरे भाई ये हीरा को क्या हो गया?  यह तो बिलकुल जानवर जैसा बन गया है|"

दूसरा गाँववाला कहता हैं,"भाई! मुझे तो लगता है इसे इसकी दादी ने काट खाया हैं|तभी ये भी श्रापित हो गया हैं|"

फिर सभी गांव वाले हीरा के घर की ओर दौड़ पड़ते हैं|

जब वह वहां पहुंचते हैं तो दंग रह जाते हैं| वह घर पूरी तरह से जला हुआ होता है| वहां उन्हें उस बुढिया का कंकाल भी मिलता है|

उन्हें कुछ समझ में नहीं आता कि आखिर क्या हो रहा है? फिर रात होने पर उन गांव वालों को हीरा के तड़पने की आवाजें जंगल से आती हुई सुनाई देती है|

हीरा शैतानी आवाज में कहता हैं,"मैं किसी को नहीं छोडूंगा| मुझे आटे की गुड़िया दो| मुझसे और बर्दाश्त नहीं होता|"

हीरा की आवाज सुनकर एक गाँववाला चिल्लाता हैं,"अरे भाई यह तो उस हीरा की आवाज हैं|

यह गाँव में आ गया तो सबको अपने जैसा बना देगा|"

दूसरा गाँववाला कहता हैं,"अरे भाईयो वो हीरा इसी और आ रहा हैं|

अबे इसे अब जला के मारना होगा| नहीं तो हम भी इसके जैसे बन जायेंगे|

फिर जैसे ही हीरा वहां पहुंचता है|

सभी गांव वाले मशाल उसकी तरफ फेंक देते हैं और हीरा जलने लगता है|

हीरा जलते हुए उन गाँववालो से कहता हैं,"गाँववालो तुम्हारा बहुत-बहुत शुक्रिया|

तुम लोगो ने मुझे मुक्ति दिलवा दी|मैं लालची बन गया था| मुक्ति....."

लेकिन वह कुएं का दानव आज भी उस कुएं में अपनी शिकार का इंतजार कर रहा हैं|

आपको यह Hindi Kahani कैसी लगी  Comment करके जरुर बताये|

साथ ही अगर आपके इन Hindi Kahani को लेकर कोई सुझाव हो तो वो भी आप दे सकते है|

यह Hindi Kahani अपने दोस्तों के साथ Share करे जिससे हम आपके लिए ऐसी Hindi Kahaniyan लेके आते रहे|

हमारे साथ जुड़े रहे धन्यवाद!

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां